भाजयुमो जिला अध्यक्ष सुमित शर्मा का सटोरिया करण अग्रवाल से संबंध उजागर, भाजपा की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल

कुख्यात सटोरिया के साथ सार्वजनिक तस्वीर ने राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को किया और मजबूत भाजपा की कथनी और करनी में अंतर,

मयंक मित्तल आत्महत्या प्रकरण से जुड़े सटोरिया के साथ नजदीकी पर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल,

रायगढ़। नगर पालिक निगम रायगढ़ के नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने भाजयुमो जिला अध्यक्ष सुमित शर्मा और कुख्यात सटोरिया करण अग्रवाल के बीच संबंधों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सुमित शर्मा की करण अग्रवाल के साथ सामने आई सार्वजनिक तस्वीर यह साबित करती है कि भाजपा के युवा नेतृत्व का अपराधियों से सीधा मेलजोल है। यह तस्वीर भाजपा की कथनी–करनी के अंतर को उजागर करती है और यह सवाल खड़ा करती है कि आखिर ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण क्यों दिया जा रहा है।

नेता प्रतिपक्ष सलीम नियारिया ने कहा कि मयंक मित्तल की मौत ने पूरे रायगढ़ शहर को झकझोर कर रख दिया था। उस समय सर्व समाज सड़कों पर उतर आया था, पूरा शहर बंद रहा और हर वर्ग मयंक मित्तल की असमय मौत पर शोकाकुल हो गया था। न्याय की मांग को लेकर सर्व समाज की बैठक हुई थी, जिसमें यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि ऐसे लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा और उन्हें किसी भी प्रकार के सामाजिक, धार्मिक या सार्वजनिक आयोजनों में न तो आमंत्रित किया जाएगा और न ही उनका कोई सहयोग स्वीकार किया जाएगा।

सलीम नियारिया ने भावुक होते हुए कहा कि यदि इसी तरह आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब इस पूरे शहर में शोक और मातम का माहौल छा जाएगा। इसी तरह के अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा तो पता नहीं कितनी माताओं की गोद सुनी होगी कितनी बहने अपने भाइयों की कलाई में राखी भी नहीं बांध पाएंगी कितने बच्चे भविष्य में अनाथ होंगे ।

नेता प्रतिपक्ष का कहना है इससे लगता है कि आज के वक्त में मानवता और नैतिकता का दौर ही नहीं बचा है। समाज और देश में बदलाव की बात करने वाले क्या इसी तरह का समाज और देश में बदलाव चाहते है यह एक गंभीर मुद्दा है जिसे समूचे शहरवासियों और समाज लिए चिंतन का विषय है। यह केवल एक व्यक्ति या एक परिवार का सवाल नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

सलीम नियारिया ने आरोप लगाया कि करण अग्रवाल लंबे समय से शहर में सट्टा कारोबार का संचालन करता रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्व में सट्टा कारोबार पर कार्रवाई के बावजूद वही गिरोह फिर से सक्रिय हो गया है, जिससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि सटोरियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल उठाया कि जब भाजपा के जिम्मेदार पदाधिकारी ही कुख्यात सटोरियों के साथ सार्वजनिक रूप से नजर आते हैं।  तो निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने कहा कि मयंक मित्तल आत्महत्या प्रकरण सहित सटोरिया करण अग्रवाल और भाजयुमो जिला अध्यक्ष सुमित शर्मा का उससे क्या संबंध है और यह रिश्ता क्या कहलाता है।

सलीम नियारिया ने कहा कि राजनीतिक संरक्षण के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपराध के खिलाफ खड़े होने का दावा करती है लेकिन हकीकत में अपराधियों और सटोरियों के साथ खड़ी नजर आ रही है। यही वजह है कि सट्टा नेटवर्क फल-फूल रहा है और शहर में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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